झारखंड प्रदेश भाजपा ने राज्य में पंचायतों के चुनाव कराने के मुद्दे पर हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली राज्य सरकार पर टाल मटोल का आरोप लगाया है। शनिवार को झारखंड प्रदेश भाजपा के पदाधिकारियों और जिला अध्यक्षों की बैठक में पार्टी नेताओं ने कहा कि राज्य की सरकार गांव-गिरांव के जमीनी मुद्दों से मुंह चुरा रही है। उसे डर है कि पंचायत चुनाव होंगे तो लोग झारखंड मुक्ति मोर्चा-कांग्रेस-राजद की सरकार को जबर्दस्त झटका देंगे। पंचायत चुनाव भले दलीय आधार पर नहीं होंगे, लेकिन ये सरकार जानती है कि लोग इन पार्टियों द्वारा समर्थित उम्मीदवारों के खिलाफ मतदान करेंगे और इसी वजह से पंचायत चुनाव की घोषणा नहीं की जा रही है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दीपक प्रकाश की अध्यक्षता में हुई बैठक में झारखंड सरकार की विफलताओं से लोगों को अवगत कराने का निर्णय लिया गया।
लोगों को वैक्सीनेशन के लिए जागरूक करेगी भाजपा
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रदीप सिन्हा ने बताया कि बैठक में यह तय हुआ कि भाजपा के कार्यकर्ता घर घर जाकर लोगों को कोविड वैक्सीन (Covid Vaccine) लेने के लिए जागरूक करेंगे। झारखंड में पार्टी ने इस अभियान में 33 हजार कार्यकर्ताओं को लगाया है। बैठक में भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी, संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह, भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सांसद समीर उरांव भी उपस्थित रहे।
2 बार दिया गया है विस्तार
बता दें कि, कोरोना का टीका ना लेने वाले झारखंड में पंचायत चुनाव में उम्मीदवारी से वंचित किए जा सकते हैं। मतदान के लिए भी टीकाकरण को जरूरी शर्त बनाया जा सकता है। राज्य में पंचायतों के कार्यकाल एक साल पहले ही खत्म हो चुके हैं। शेड्यूल के अनुसार ये चुनाव पिछले साल दिसंबर में ही कराए जाने चाहिए थे, लेकिन कोरोना संक्रमण की वजह से राज्य सरकार ने पंचायतों के कार्यकाल को 2 बार विस्तार दिया।